Aisi Vaani Boliye – Kabir Ke Dohe

ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोये।
औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।।

भावार्थ: कबीर दास जी कहते हैं, कि प्रत्येक मनुष्य को ऐसी भाषा बोलनी चाहिए जो श्रोता (सुनने वाले) के मन को आनंदित (अच्छी लगे) करे। ऐसी भाषा सुनने वालो को तो सुख का अनुभव कराती ही है, इसके साथ स्वयं का मन भी आनंद का अनुभव…
पूरा पढ़े -> http://bit.ly/30DPtjU

#KabirKeDohe #Hindi #Poetry #KabirAmritwani #SantKabir #KabirDas #HindiDohe

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *